अल-अज़हर युनीवर्सिटी के एक प्रमुख स्कॉलर ने कहा कि अमेरिका और इस्राईल के नापाक मंसूबे शिया सुन्नी एकता की राह में सबसे बड़ी रूकावट हैं।
रिपोर्ट के अनुसार अल-अज़हर युनीवर्सिटी के प्रमुख स्कॉलर शेख अहमद करीमा ने कहा कि अमेरिका और इस्राईल के नापाक मंसूबे शिया सुन्नी एकता की राह में सबसे बड़ी बाधा है।
उन्होंने कहा कि वहाबी और आईएसआईएस जैसे आतंकवादी गिरोह जो कुछ मुस्लिम देशों में आतंक फैलाने में व्यस्त हैं मुसलमानों के बीच एकता की राह में एक और बड़ी बाधा बने हैं। इस सुन्नी स्कॉलर के अनुसार यह आतंकवादी समूह शिया सुन्नी एकता से भयभीत है और दोनों इस्लामी सम्प्रदायों के बीच तनाव फैलाने की योजना पर अमल कर रहा है।
पिछले महीने शेख करीमा ने कहा था कि मिस्र में एकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तकफ़ीरियों के दबाव के बावजूद वह मिस्र में मुसलमानों के बीच एकता को बढ़ावा देने के लिए एक सुसाईटी के गठन का इरादा कर चुके हैं।
ग़ौरतलब है कि हाल ही में करीमा को ईरान में आयोजित एक सेमिनार में हिस्सा लेने पर मिस्र की अदालत ने उनके खिलाफ़ मुकदमा दर्ज किया था।
अल-अज़हर के प्रमुख स्कॉलर:
अमेरिका और इस्राईल की परियोजनाएं शिया सुन्नी एकता की राह में सबसे बड़ी रूकावट।
18 दिसंबर 2014 - 18:32
समाचार कोड: 659222
अल-अज़हर युनीवर्सिटी के एक प्रमुख स्कॉलर ने कहा कि अमेरिका और इस्राईल के नापाक मंसूबे शिया सुन्नी एकता की राह में सबसे बड़ी रूकावट हैं।